सोमवार, 16 दिसंबर 2019

RATION CARD

पात्रता शर्तें

  • राशन कार्ड बनवाने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है.
  • व्यक्ति के पास किसी अन्य राज्य का राशन कार्ड नहीं होना चाहिए.
  • जिसके नाम पर राशन कार्ड बन रहा है, उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए.
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चों का नाम माता-पिता के राशन कार्ड में शामिल किया जाता है.
  • एक परिवार में परिवार के मुखिया के नाम पर राशन कार्ड होता है.
  • राशन कार्ड में जिन सदस्यों को शामिल किया जा रहा है, उनका परिवार के मुखिया से नजदीकी संबंध होना जरूरी है.
  • परिवार के किसी भी सदस्‍य का उससे पहले से कोई भी राशन कार्ड में नाम नहीं होना चाहिए.

  

    राशन कार्ड बनवाने के लिए दस्तावेज

  1.  परिवार के मुखिया का आधार कार्ड।
  2. परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड।

  3. मुखिया का बैंक पासबुक।

  4. आय प्रमाण पत्र।

  5. निवास प्रमाण पत्र।

  6. मुखिया का पासपोर्ट साइज फोटो।

  7. परिवार रजिस्टर की नकल, जो सचिव से प्रमाणित होनी चाहिए।

 Note:-

        एप्लीकेशन सबमिट होने के बाद इसे फील्ड वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाता है. अधिकारी फॉर्म में भरी जानकारियों की जांच कर पुष्टि करता है. आम तौर पर यह जांच आवेदन करने के 30 दिन के अंदर पूरी जाती है. इसके बाद आगे की प्रक्रिया होती है. सभी डिटेल वेरिफाई होने के बाद राशन कार्ड बन जाता है | अगर कोई डिटेल गलत पाई जाती है तो आवेदनकर्ता पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है |

उत्तर प्रदेश में वर्तमान में राशन कार्ड के प्रकार, लाभार्थी, पात्रता एवं पहचान

राशन कार्ड का प्रकारलाभार्थी (किसके लिए)पात्रता (योग्यता)पहचान (विशेष रंग/विशेष विवरण)
अंत्योदय अन्न योजना (AAY) राशन कार्डअत्यंत गरीब परिवार, भूमिहीन, दैनिक मजदूर, निराश्रित महिलाएं, विकलांग, वृद्धजन, कूड़ा बीनने वाले, अनाथ बच्चे, बेघर लोगकोई स्थायी आय स्रोत नहीं, आय ₹10,000 से कम, कोई चार पहिया वाहन/पक्का मकान नहींपीला रंग – अत्यंत गरीब परिवार के लिए
पात्र गृहस्थी (PHH) राशन कार्डगरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारग्रामीण क्षेत्र: ₹46,080 से कम वार्षिक आय, शहरी क्षेत्र: ₹56,460 से कम वार्षिक आयगुलाबी रंग – गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवार
अप्रत्यक्ष लाभार्थी (APL) राशन कार्डगरीबी रेखा से ऊपर (APL) के लोग जो राशन लेना चाहते हैंआय सीमा निर्धारित नहीं, कोई भी नागरिक आवेदन कर सकता हैनीला रंग – गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों के लिए
निर्धन प्रवासी श्रमिकों का राशन कार्डयूपी में प्रवासी मजदूर जो किसी अन्य राज्य से आए हैंआयकर दाता नहीं होना चाहिए, आधार कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र आवश्यकसफेद रंग – प्रवासी मजदूरों के लिए

यह राशन कार्ड सरकार द्वारा सस्ते दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने और जरूरतमंदों की पहचान के लिए जारी किए जाते हैं।

आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें         पात्रता सूची        राशन कार्ड संख्या से खोजें        शिकायत करें 

     Toll-Free Helpline Numbers for PDS in States-UTls

   


बुधवार, 16 अक्टूबर 2019

विकलांगता प्रमाण पत्र

विकलांग प्रमाण पत्र


विकलांग प्रमाण पत्र स्‍वास्‍थ्‍य निगम द्वारा उन लोगों को जारी किया जाता है, जो कि जन्‍म से या फिर अपने जीवनकाल में किसी कारणवश अपाहिज होते है, और जो कि विकलांगता के प्रकार एवं प्रतिशत पर निर्भर करता है। विकलांग प्रमाण पत्र शैक्षिक संस्‍थानों में, रोजगार तथा अन्‍य सरकारी कल्‍याण योजनाओं के लिये जारी किया जाता है।

योग्‍यता की शर्ते

कोई भी विकलांग व्‍यक्ति विकलांग प्रमाण पत्र के लिये योग्‍य है।

प्रक्रिया

आवेदन करने के लिये आवेदक को नियत फार्म को पूरा कर तथा बताये गये सारे दस्‍तावेज के साथ आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदक की जांच स्‍वास्‍थ्‍य निगम द्वारा की जाती है तथा उसकी विकलांगता तथा विकलांगता का प्रतिशत पूर्व निर्धारित नियमों के आधार पर तय किया जाता है।

आवश्‍यक दस्‍तावेज

1. राशन कार्ड की प्रतिलिपि 2. वोटर आईडी0 कार्ड 3. शपथ पत्र (यदि आवेदक किसी बीमा के लिये दावा करता है। 4. चार फोटोग्राफ 5. जाति प्रमाण पत्र (शुल्‍क रियायत के लिये)

शनिवार, 5 अक्टूबर 2019

INCOME CERTIFICATE

आवेदन का प्रारूप
संलग्नक सूची
  1. फोटो 
  2. स्वप्रमाणित घोषणा पत्र
  3. राशन कार्ड की छाया प्रति
  4. वेतन भोगी होने की दशा में अद्यतन वेतन पर्ची अन्यथा पार्षद या प्रधान का लिखा पत्र

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019

HOUSE TAX MEERUT

क्यों चुकाना पड़ता है प्रॉपर्टी टैक्स?
स्थानीय निकाय इलाके में साफ-सफाई, पानी की सप्लाई, लोकल सड़कों का रखरखाव, ड्रेनेज और अन्य सुविधाएं मुहैया कराता है। 
म्युनिसिपल संस्थाएं जो सुविधाएं लोगों को मुहैया कराती हैं, उसका राजस्व प्रॉपर्टी टैक्स से आता है। 
यह स्थानीय निकायों के लिए राजस्व का बड़ा स्रोत है। 
अगर आप प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाते तो स्थानीय निकाय आपको पानी का कनेक्शन और अन्य सुविधाएं देने से इनकार कर सकता है। साथ ही बकाया राशि पाने के लिए वह कानूनी एक्शन भी ले सकता है।
प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने की अहमियत
निकाय संस्था के हालिया प्रॉपर्टी वैल्यूएशन से प्रॉपर्टी टैक्स कैलकुलेट किया जाता है। 
सिर्फ प्रॉपर्टी के मालिक को ही प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना होता है। 
अगर आप किरायेदार हैं तो फिक्र करने की कोई जरूरत नहीं। 
प्रॉपर्टी विवाद के मामले में प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें प्रॉपर्टी की ओनरशिप साबित करने में अहम भूमिका निभाती हैं। नतीजन, जब आप कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो प्रॉपर्टी टाइटल नगरपालिका के रिकॉर्ड में अपडेट होना चाहिए।
हालांकि जब तक पूरी बकाया राशि नहीं चुकाई जाती, नाम नए खरीददार को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। 
अगर नगरपालिका के रिकॉर्ड्स में नाम अपडेट नहीं है तो पुराने मालिक का नाम ही टैक्स रसीद में दिखाई देता रहेगा।
नगरपालिका के रिकॉर्ड में अपने नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर कराते वक्त आपसे संपत्ति का स्वामित्व साबित करने वाले दस्तावेज मांगे जाएंगे। 
अपने नाम पर प्रॉपर्टी अपडेट कराने के लिए आपको बैनामे की कॉपी, सोसाइटी से क्लीयरेंस, भरा हुआ आवेदन, फोटो और अड्रेस प्रूफ, पिछली बार भुगतान की गई रसीद की कॉपी दिखानी होगी। 
लोन लेने के लिए (प्रॉपर्टी के एवज में लोन) भी प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद अहम दस्तावेज है। 
नगरपालिका के रिकॉर्ड्स को अपडेट रखने के लिए वक्त पर प्रॉपर्टी टैक्स चुकाएं। 
पूजा घर, सरकारी इमारतों, विदेशी दूतावास इत्यादि को प्रॉपर्टी टैक्स से छूट मिलती है। 
स्वच्छ भूमि भी प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे से बाहर होती है।

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019

गुरुवार, 26 सितंबर 2019

PASSPORT


Documents for Passport 

पासपोर्ट के लिए आवश्यक दस्तावेज़

भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज़ आवेदन के प्रकार (नया पासपोर्ट, री-इश्यू, नाबालिग या डिप्लोमैटिक पासपोर्ट) के अनुसार अलग-अलग होते हैं।

1. नया (Fresh) पासपोर्ट

मुख्य रूप से दो प्रकार के दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं:

  • पते का प्रमाण (Address Proof): आधार कार्ड, बिजली/पानी का बिल, बैंक पासबुक, वोटर आईडी, गैस कनेक्शन, मोबाइल/लैंडलाइन बिल, किरायानामा, आयकर आदेश आदि।
  • जन्मतिथि का प्रमाण (Date of Birth Proof): जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट/स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि।

2. नाबालिग (Minor) के लिए पासपोर्ट

  • जन्मतिथि का प्रमाण।
  • माता-पिता के नाम पर वर्तमान पते का प्रमाण।
  • यदि माता-पिता के पास पासपोर्ट है, तो उसकी मूल प्रति एवं स्वयं प्रमाणित (Self-attested) कॉपी।

3. पासपोर्ट का री-इश्यू (Re-Issue/Renewal)

सभी मामलों में सामान्यतः आवश्यक:

  • पुराना मूल पासपोर्ट।
  • पहले 2 और अंतिम 2 पृष्ठों की स्वयं प्रमाणित कॉपी।
  • ECR/Non-ECR पृष्ठ, ऑब्जर्वेशन पेज एवं वैधता विस्तार (यदि हो) की कॉपी।
  • आवश्यक होने पर NOC या Prior Intimation Letter।

यदि री-इश्यू का कारण विशेष हो, जैसे:

  • पासपोर्ट खो जाना या चोरी होना।
  • पासपोर्ट क्षतिग्रस्त होना।
  • नाम, पता, जन्मतिथि, जन्मस्थान, लिंग, हस्ताक्षर या माता-पिता के नाम में परिवर्तन।
  • ECR हटाना।
  • पासपोर्ट की वैधता समाप्त होना या पृष्ठ समाप्त होना।

तो संबंधित कारण के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज़ जैसे पुलिस रिपोर्ट, शपथपत्र (Affidavit), नया पता प्रमाण, जन्म प्रमाण, विवाह/तलाक/मृत्यु प्रमाण पत्र, कोर्ट आदेश आदि भी जमा करने पड़ सकते हैं।

4. नाबालिग का री-इश्यू

  • सभी सामान्य दस्तावेज़।
  • जन्मतिथि एवं पते का प्रमाण।
  • माता-पिता के पासपोर्ट की प्रति।
  • नवीन फोटो।
  • आवेदन में दी गई जानकारी की घोषणा (Declaration)।

5. डिप्लोमैटिक/ऑफिशियल पासपोर्ट

आवेदक को निम्न दस्तावेज़ देने होते हैं:

  • ऑनलाइन आवेदन की प्रिंट कॉपी।
  • सरकारी पहचान पत्र।
  • Head of Office का प्रमाण पत्र।
  • Forwarding Officer का अनुरोध पत्र।
  • PMO/Political Clearance (यदि लागू हो)।
  • अन्य आवश्यक सरकारी दस्तावेज़।

निष्कर्ष

पासपोर्ट आवेदन के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पहचान, पता और जन्मतिथि का प्रमाण हैं। यदि पासपोर्ट में किसी प्रकार का बदलाव, नवीनीकरण या पुनः जारी (Re-Issue) कराया जा रहा है, तो उसके कारण के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज़ भी जमा करने होते हैं। आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेज़ों की स्वयं प्रमाणित (Self-attested) प्रतियां तैयार रखना प्रक्रिया को आसान बनाता है।

गुरुवार, 24 अगस्त 2017

FASTAG सुविधा



फास्टैग (FASTag) क्या है?
फास्टैग (FASTag) – संक्षिप्त जानकारी

फास्टैग (FASTag) एक इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान प्रणाली है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा शुरू किया गया है। यह RFID (Radio Frequency Identification) तकनीक पर आधारित एक विशेष स्टिकर होता है, जिसे वाहन की विंडशील्ड (सामने के शीशे) पर लगाया जाता है। इसकी सहायता से वाहन बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकता है और टोल शुल्क स्वतः फास्टैग से जुड़े बैंक खाते या प्रीपेड वॉलेट से कट जाता है।


फास्टैग कैसे काम करता है?

  • टोल प्लाजा पर लगे RFID सेंसर वाहन पर लगे FASTag को स्कैन करते हैं।
  • स्कैन होते ही टोल शुल्क आपके FASTag खाते से स्वतः कट जाता है।
  • वाहन को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होती।
  • प्रत्येक भुगतान की जानकारी SMS के माध्यम से आपके मोबाइल पर भेजी जाती है।


फास्टैग के प्रमुख लाभ

  • टोल प्लाजा पर बिना रुके भुगतान।
  • समय और ईंधन की बचत।
  • कैशलेस एवं सुरक्षित लेन-देन।
  • ट्रैफिक जाम और लंबी कतारों से राहत।
  • प्रत्येक टोल भुगतान का SMS एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड।
  • समय-समय पर उपलब्ध कैशबैक एवं अन्य ऑफर (यदि लागू हों)।
  • भविष्य में पार्किंग, पेट्रोल पंप एवं अन्य डिजिटल भुगतान सेवाओं में भी उपयोग की सुविधा।

Unique CSC Center पर उपलब्ध FASTag सेवाएँ

Unique CSC Center पर FASTag से संबंधित सभी प्रमुख सेवाएँ उपलब्ध हैं।

हमारी सेवाएँ

  • ✅ नया FASTag जारी करना (New FASTag Issuance)
  • ✅ FASTag Activation
  • ✅ FASTag Recharge / Top-up
  • ✅ FASTag KYC सहायता
  • ✅ बैलेंस एवं ट्रांजैक्शन की जानकारी
  • ✅ FASTag से संबंधित सामान्य समस्याओं का समाधान

हमारी तेज़, सुरक्षित एवं विश्वसनीय सेवा के माध्यम से आप कुछ ही मिनटों में अपना FASTag बनवा या रिचार्ज करा सकते हैं।


नया FASTag बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  • वाहन का RC (Registration Certificate)
  • वाहन मालिक का आधार कार्ड / PAN / अन्य वैध KYC दस्तावेज़
  • पासपोर्ट साइज फोटो (यदि आवश्यक हो)
  • मोबाइल नंबर
  • पता प्रमाण (यदि आवश्यक हो)

FASTag कहाँ से प्राप्त करें?

FASTag निम्न माध्यमों से प्राप्त किया जा सकता है—

  • अधिकृत बैंक
  • डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म (जैसे Paytm आदि)
  • CSC (Common Service Centre)
  • अधिकृत बिक्री केंद्र
  • चयनित पेट्रोल पंप

यदि आप सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा चाहते हैं, तो Unique CSC Center से FASTag बनवाना सबसे सुविधाजनक विकल्प है।


FASTag की वैधता एवं Recharge

  • FASTag की सामान्य वैधता 5 वर्ष होती है।
  • बैलेंस समाप्त होने पर इसे Recharge/Top-up कराना आवश्यक होता है।
  • Recharge ऑनलाइन या Unique CSC Center पर आसानी से कराया जा सकता है।

CSC (VLE) की भूमिका

CSC के माध्यम से निम्न सेवाएँ प्रदान की जाती हैं—

  • CSC पोर्टल से FASTag जारी करना।
  • ग्राहक का पंजीकरण एवं KYC करना।
  • वाहन पर FASTag लगाना।
  • CSC Wallet के माध्यम से Recharge/Top-up करना।
  • FASTag संबंधी सहायता एवं मार्गदर्शन देना।

Unique CSC Center क्यों चुनें?

  • ✔ अधिकृत CSC सेवा केंद्र
  • ✔ नया FASTag तुरंत उपलब्ध
  • ✔ सभी प्रमुख FASTag का Recharge
  • ✔ सुरक्षित एवं पारदर्शी प्रक्रिया
  • ✔ उचित सेवा शुल्क
  • ✔ अनुभवी एवं विश्वसनीय सहायता
  • ✔ तेज़ ग्राहक सेवा

निष्कर्ष

FASTag एक आधुनिक, सुरक्षित और कैशलेस टोल भुगतान प्रणाली है, जो यात्रा को अधिक तेज़, सुविधाजनक और पारदर्शी बनाती है। 
इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है तथा टोल प्लाजा पर लंबी कतारों से छुटकारा मिलता है।
यदि आप नया FASTag बनवाना चाहते हैं या अपने FASTag का Recharge कराना चाहते हैं, तो आज ही Unique CSC Center पर संपर्क करें। 
यहाँ आपको FASTag Issuance, Activation, Recharge तथा अन्य सभी संबंधित सेवाएँ एक ही स्थान पर तेज़, सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध कराई जाती हैं।

Unique CSC Center
FASTag Issuance | FASTag Recharge | CSC Digital Services | Digital India Services

शनिवार, 19 अगस्त 2017

Cast Certificate

REQUIRED DOCUMENT FOR CAST

  • संलग्नक सूची

    1. फोटो
    2. स्वप्रमाणित घोषणा पत्र
    3. पार्षद/वार्डेन/ग्राम प्रधान का जाति के बाबत प्रमाण पत्र
    4. राशन कार्ड की छाया प्रति




पिछड़ी जाति के लिए प्रमाण पत्र प्राप्‍त करना

जाति प्रमाण पत्र क्‍या करता है और इसकी आवश्‍यकता क्‍यों होती है?

जाति प्रमाण पत्र किसी के जाति विशेष के होने का प्रमाण है विशेष कर ऐसे मामले में जब कोई पिछड़ी जाति के लिए जाति का हो जैसा कि भारतीय संविधान में विनिर्दिष्‍ट है। सरकार ने अनुभव किया कि बाकी नागरिकों की तरह ही समान गति से उन्‍नति करने के लिए पिछड़ी जाति को विशेष प्रोत्‍साहन और अवसरों की आवश्‍यकता है। इसके परिणाम स्‍वरूप, रक्षात्‍मक भेदभाव की भारतीय प्रणाली के एक भाग के रूप में इस श्रेणी के नागरिकों को कुछ लाभ दिया जाता है, जैसा कि विधायिका और सरकारी सेवाओं में सीटों का आरक्षण, स्‍कूलों और कॉलेजों में दाखिला के लिए कुछ या पूरे शुल्‍क की छूट देना, शैक्षिक संस्‍थाओं में कोटा, कुछ नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी आयु सीमा की छूट आदि। इन लाभों को प्राप्‍त करने में समर्थ होने के लिए पिछड़ी जाति के व्‍यक्ति के पास वैध जाति प्रमाण पत्र होना जरूरी है।


कानूनी ढांचा

भारतीय संविधान के अधिनियम १९९४ की अनुसूची के अनुसरन में पिछड़ी जाति की सांविधिक सूची अधिसूचित की गई। इन सूचियों को समय समय पर परिवर्तित। संशोधन/सम्‍पूरक किया गया। राज्‍यों के पुनसंगठन पर पिछड़ी जाति सूची (परिवर्तन) अधिनियम १९९४ (यथा संशोधित) की अनुसूची २ से प्रवृत्त हुआ। इसलिए पिछड़ी जाति की सूची के संबंध में कुछ अन्‍य आदेश व्‍यष्टि राज्‍यों में प्रवृत्त हुए।

जाति प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने के लिए आपको क्‍या करने की आवश्‍यकता है?

आवेदन प्रपत्र ऑनलाइन या शहर/नगर/गांव में स्‍थानीय संबंधित कार्यालय में उपलब्‍ध होता है, जो सामान्‍यता एसडीएम का कार्यालय (सब डिविज़नल मजिस्‍ट्रेट) या तहसील या राजस्‍व विभाग होता है। यदि आपके परिवार के किसी भी सदस्‍य को पहले जाति प्रमाण पत्र जारी करने के पहले स्‍थानीय पूछताछ की जाती है। न्‍यूनतम निर्दिष्‍ट अवधि तक आपके अपने राज्‍य में निवास का प्रमाणप एक वचन पत्र जिसमें यह उल्‍लेख हो कि आप पिछड़ी जाति के हैं और आवेदन के समय विशिष्‍ठ अदालती स्‍टैम्‍प शुल्‍क अपेक्षित होते हैं।




अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए प्रमाण पत्र प्राप्‍त करना

कानून द्वारा यथा पारिभाषित अनुसूचित जनजाति

अनुसूचित जनजाति भारत के विभिन्‍न राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों में पायी जाती है। स्‍वतंत्रता के पहले की अवधि में संविधान के अधीन सभी जनजातियों को ''अनुसूचित जनजाति'' के रूप में समूहबद्ध किया गया था। अनुसूचित जनजाति के रूप में विनिर्दिष्‍ट करने के लिए अपनाए गए मानदंडों में निम्‍नलिखित शामिल हैं: निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पारम्‍परिक रूप से निवास करना। विशिष्‍ट संस्‍कृति जिसमें जनजा‍तिय जीवन के सभी पहलू अर्थात भाषा, रीति रिवाज, परम्‍परा, धर्म और अस्‍था, कला और शिल्‍प आदि शामिल हैं। आदिकालीन विशेषताएं जो व्‍यावसायिक तरीके, अर्थव्‍यवस्‍था आदि को दर्शाता है। शैक्षिक और प्रौद्योगिकीय आर्थिक विकास का अभाव। राज्‍य विशेष/संघ राज्‍य क्षेत्र विशेष संबंधी अनुसूचित जनजाति का विनिर्देशन संबंधित राज्‍य सरकार के साथ किया गया। इन आदेशों को बात में परिवर्तित किया जा सकता है यह‍ संसद के अधिनियम द्वारा किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 342 के अनुसार संबंधित राज्‍य सरकार के साथ परामर्श करने के पश्‍चात राष्‍ट्रपति में अब तक 9 आदेश लागू किए हैं जिनमें संबंधित राज्‍य और संघ राज्‍य क्षेत्रों के संबंध में अनुसूचित जा‍ति को विनिर्दिष्‍ट किया गया है।


जनजाति प्रमाण पत्र क्‍या है और इसकी आवश्‍यकता क्‍यों होती है?

भारतीय संविधान में उल्लिखित विनिर्देशन के अनुसार जनजाति प्रमाण पत्र किसी के अनुसूचित जनजाति होने का प्रमाण है। सरकार ने अनुभव किया कि बाकी नागरिकों की तरह समान गति से उन्‍नति करने के लिए अनुसूचित जनजातियों को विशेष प्रोत्‍साहन और अवसरों की आवश्‍यकता है। इसके परिणाम स्‍वरूप, रक्षात्‍मक भेदभाव की भारतीय प्रणाली के भाग के रूप में इन श्रेणी के नागरिकों के विशेष लाभ की गारंटी दी गई है, जैसा कि विधायिका में और सरकारी सेवा में सीटों का आरक्षण स्‍कूलों और कॉलेजों में दाखिला के लिए कुछ अंश पूरे शुल्‍क की छूट, शैक्षिक संस्‍थाओं में कोटा, कुछ नौकरियों आदि के लिए आवेदन करने के लिय ऊपरी आयु सीमा में छूट देना। इन लाभों को लेने में समर्थ होने के लिए अनुसूचित जनजाति के नागरिक के पास वैध जनजाति प्रमाण पत्र का होना जरूरी है।

जनजाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करें

राष्‍ट्रपति के अधिसूचित आदेशों में सूचीबद्ध जनजाति के लोग जनजाति प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुछ राज्‍यों में जनजातीय विकास विभाग कुछ ऑनलाइन सुविधाएं मुहैया कराते हैं जैसा कि संबंधित आवेदन प्रपत्र को डाउनलोड करना, जनजातीय कल्‍याण योजना का ब्‍यौरा आदि अपने वेबसाइट कराते हैं।

DOMICILE CERTIFICATE


REQUIRED DOCUMENT FOR DOMICILE

आवेदन का प्रारूप
संलग्नक सूची
  1. फोटो
  2. स्वप्रमाणित घोषणा पत्र
  3. राशन कार्ड की छाया प्रति/बिजली का बिल
  4. वोटर पहचान पत्र की छाया प्रति
  5. यदि शिक्षा प्राप्त कर रहा है तो शैक्षणिक प्रमाण पत्र

निवास स्‍थान प्रमाण पत्र क्‍या है इसकी आवश्‍यकता क्‍यों है?

निवास स्‍थान/निवास प्रमाण पत्र साधारणत: यह साबित करने के लिए जारी किया जाता है कि प्रमाण पत्र धारण करने वाला व्‍यक्ति उस राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र का निवासी है जिसके द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। इस प्रमाण पत्र की आवश्‍यकता निवास के प्रमाणप के रूप में होती है जिससे कि शैक्षिक संस्‍थानों और सरकारी सेवाओं में निवास स्‍थान/निवास का कोटा लिए जा सकते हैं और नौकरी के मामले में भी जहां स्‍थानीय निवासियों को वारीयता दी जाती है।

निवास स्‍थान प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने के लिए आपको क्‍या करने की आवश्‍यकता है ?

निर्धारित आवेदन पत्र या तो ऑनलाइन उपलब्‍घ होते हैं या स्‍थानीय प्राधिकारियों से अर्थात सब डिविजनल मजिस्‍ट्रेट/तहसीलदार का कार्यालय/राजस्‍व विभाग/जिला कलेक्‍टर का कार्यालय या अन्‍य प्राधिकारी जैसा कि आपके निवास के राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र द्वारा विनिर्दिष्‍ट है। आपको निर्धारित न्‍यूनतम अ‍वधि के लिए लगातार राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में निवास करने का प्रमाण देने की आवश्‍यकता होगी या राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में भूमि रखने का यह संबंधित राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र के नियमों पर निर्भर करता है। अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए दस्‍तावेज, आवश्‍यकता प्राधिकारी के अधिकारी द्वारा फॉर्म को अनुप्रमाणीकरण, स्‍कूल प्रमाण पत्र और तहसील की पूछताछ रिपोर्ट की भी आवश्‍यकता हो सकती है। महिलाएं, जो राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में मूलरूप से रहती हैं परन्‍तु ऐसे पुरूषों से विवाह करती हैं जो स्‍थायी रूप से राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में निवास करते हैं, जो राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र के निवास स्‍थान प्रमाण पत्र के पात्र है, वे निवास स्‍थान प्रमाण पत्र के लिए पात्र है।
टिप्‍पणी:
निवास स्‍थान प्रमाण पत्र केवल एक राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में बनाए जा सकते हैं। एक से अधिक राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र से निवासस्‍थान प्रमाण पत्र प्राप्‍त करना एक अपराध हैं।

PAN CARD

Documents Required for PAN Card


PAN (Permanent Account Number) आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा जारी किया जाने वाला 10 अंकों का एक स्थायी अल्फ़ान्यूमेरिक पहचान संख्या (Permanent Identification Number) है। यह प्रत्येक व्यक्ति, व्यवसाय, कंपनी एवं अन्य संस्थाओं के लिए अलग-अलग जारी किया जाता है। PAN Card का उपयोग आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने, बैंकिंग, निवेश, संपत्ति खरीदने, व्यवसाय शुरू करने तथा विभिन्न वित्तीय लेन-देन में किया जाता है।
PAN Card का उपयोग कहाँ होता है?
  • आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने में।
  • बैंक खाता खोलने में।
  • ₹50,000 या उससे अधिक के बैंकिंग लेन-देन में।
  • लोन एवं क्रेडिट कार्ड आवेदन में।
  • संपत्ति खरीदने या बेचने में।
  • म्यूचुअल फंड, शेयर एवं अन्य निवेश में।
  • व्यवसाय एवं GST पंजीकरण में।
  • वित्तीय पहचान (Financial Identity) के रूप में।
Unique CSC Center पर उपलब्ध PAN Card सेवाएँ
Unique CSC Center पर PAN Card से संबंधित सभी प्रमुख सेवाएँ उपलब्ध हैं।
हमारी सेवाएँ
  • ✅ नया PAN Card आवेदन (New PAN Card)
  • ✅ PAN Card Correction (नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम आदि)
  • ✅ PAN Card Reprint
  • ✅ PAN को Aadhaar से लिंक कराने में सहायता
  • ✅ e-PAN डाउनलोड सहायता
  • ✅ PAN आवेदन की स्थिति (Status) की जानकारी
हमारी सहायता से आपका आवेदन तेज़, सुरक्षित एवं सही तरीके से पूरा किया जाता है।
भारतीय नागरिक के लिए PAN Card बनवाने हेतु आवश्यक दस्तावेज़
1. पहचान प्रमाण (Identity Proof) – इनमें से कोई एक
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • पासपोर्ट
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • राशन कार्ड (फोटो सहित)
  • सरकारी फोटो पहचान पत्र
  • पेंशन कार्ड
  • बैंक प्रमाणपत्र (फोटो सहित)
2. पता प्रमाण (Address Proof) – इनमें से कोई एक
  • आधार कार्ड
  • बिजली, लैंडलाइन या ब्रॉडबैंड बिल (3 माह के भीतर का)
  • बैंक स्टेटमेंट या पासबुक
  • पोस्ट ऑफिस पासबुक
  • वोटर आईडी
  • पासपोर्ट
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • डोमिसाइल प्रमाण पत्र
3. जन्मतिथि प्रमाण (Date of Birth Proof)
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • 10वीं की मार्कशीट
  • पासपोर्ट
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • पेंशन आदेश
  • डोमिसाइल प्रमाण पत्र
  • शपथ पत्र (Affidavit)
नाबालिग (Minor) के लिए PAN Card
नाबालिग के लिए PAN आवेदन में माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज़ भी पहचान एवं पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जा सकते हैं।
विदेशी नागरिक (Foreign Citizen) के लिए PAN
विदेशी नागरिक PAN Card के लिए निम्न दस्तावेज़ों के आधार पर आवेदन कर सकते हैं—
  • पासपोर्ट
  • OCI / PIO कार्ड
  • Tax Identification Number
  • विदेशी बैंक स्टेटमेंट
  • भारत में निवास का प्रमाण (यदि लागू हो)
संस्थाओं के लिए PAN Card
निम्न संस्थाएँ भी PAN के लिए आवेदन कर सकती हैं—
  • कंपनी (Company)
  • पार्टनरशिप फर्म / LLP
  • HUF (हिन्दू अविभाजित परिवार)
  • ट्रस्ट
  • सोसायटी
  • एसोसिएशन (Association of Persons)
इनके लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र, पार्टनरशिप डीड, ट्रस्ट डीड या अन्य संबंधित दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं।
PAN Card क्यों आवश्यक है?
  • आयकर संबंधी सभी कार्यों के लिए अनिवार्य।
  • बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन में आवश्यक।
  • सरकारी एवं निजी संस्थानों में पहचान के रूप में उपयोगी।
  • निवेश एवं व्यवसाय के लिए आवश्यक दस्तावेज़।
  • वित्तीय पारदर्शिता एवं कानूनी पहचान सुनिश्चित करता है।
Unique CSC Center क्यों चुनें?
  • ✔ अधिकृत CSC सेवा केंद्र
  • ✔ नया PAN Card आवेदन
  • ✔ PAN Correction एवं Reprint सुविधा
  • ✔ तेज़ एवं सुरक्षित ऑनलाइन प्रक्रिया
  • ✔ उचित सेवा शुल्क
  • ✔ अनुभवी एवं विश्वसनीय सहायता
  • ✔ आवेदन से लेकर PAN प्राप्त होने तक पूर्ण सहयोग
निष्कर्ष
PAN Card प्रत्येक नागरिक एवं व्यवसाय के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय पहचान दस्तावेज़ है। बैंकिंग, आयकर, निवेश, व्यवसाय और अनेक सरकारी एवं निजी सेवाओं का लाभ लेने के लिए PAN Card आवश्यक होता है।
यदि आप नया PAN Card बनवाना चाहते हैं, PAN Card में किसी प्रकार का सुधार (Correction) कराना चाहते हैं या खोए हुए PAN Card का Reprint प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज ही Unique CSC Center पर संपर्क करें। यहाँ आपको PAN Card से संबंधित सभी सेवाएँ तेज़, सुरक्षित एवं विश्वसनीय तरीके से एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
Unique CSC Center
New PAN Card | PAN Correction | PAN Reprint | e-PAN | Aadhaar-PAN Linking | CSC Digital Services









BIRTH CERTIFICATE

REQUIRED DOCUMENT FOR BIRTH CERTIFICATE

संलग्नक सूची

  1. पहचान से सम्बंधित निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड/पैन कार्ड/ड्राइविंग लाइसेन्स/राष्ट्रीयकृत बैंक की फोटो युक्त पासबुक/राशन कार्ड/स्वप्रमाणित घोषणा पत्र में से कोई एक की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करना होगा
  2. चिकित्सालय का जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र
अथवा
जहाँ पर चिकित्सालय नहीं है अथवा चिकित्सालय होते हुए भी चिकित्सालय में बच्चे का जन्म/मृत्यु नहीं हुई है ऐसी दशा में आवेदक को जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में ग्राम प्रधान/क्षेत्रीय पार्षद/मा. सांसद /एम.बी.बी.एस. डॉक्टर में से किसी एक का हस्ताक्षर एवं मोहर सहित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा

जन्‍म प्रमाण पत्र क्या करता है और यह क्‍यों अनिवार्य है?

जन्‍म प्रमाण पत्र बहुत ही महत्‍वपूर्ण पहचान का दस्‍तावेज हैं इससे किसी के लिए भी इसके होने से भारत सरकार द्वारा इसके नागरिकों को प्रदान की जाने वाली बहुत सारी सेवाओं का लाभ उठा सकता है। जन्‍म प्रमाण पत्र प्राप्‍त करना अनिवार्य हो जाता है चूंकि यह सभी प्रयोजनों के लिए किसी के जन्‍म की तारीख और तथ्‍य को प्रमाणित करता है जैसे मत देने का अधिकार प्राप्‍त करना, स्‍कूलों और सरकारी सेवाओं में दाखिला, कानूनी रूप से अनुमत आयु के विवाह करने का दावा करना, वंशगत और सम्‍पत्ति के अधिकारों का निपटान, संबंधित राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में जन्‍म प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने के लिए ब्‍यौरेवार प्रक्रिया जानने हेतु मेनु से राज्‍य/ संघ राज्‍य क्षेत्र चुनें। और सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले पहचान के दस्‍तावेज जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट।

कानूनी ढांचा

भारत में कानून के अधीन यह अनिवाय है (जन्‍म और मृत्‍यु अधिनियम, 1969 के पंजीकरण के अनुसार) कि प्रत्‍येक जन्‍म/मृत प्रसव का पंजीकरण संबंधित राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र की सरकार में होने के 21 दिन अंदर किया जाए। तदनुसार सरकार ने केन्‍द्र में यहा पंजीयक के पास पंजीकरण के लिए और राज्‍यों में मुख्‍य पंजीयक, और गांवों में जिला पंजीयकों द्वारा एवं नगर में परिसर में पंजीकरण के लिए सुपारिभाषित प्रणाली की व्‍यवस्‍था की है।

आप को क्‍या करने की आवश्‍यकता है?

जन्‍म प्रमाणप पत्र के लिए ओवदन करने के लिए आप पहले जन्‍म का पंजीकरण करें। पंजीयक द्वारा निर्धारित प्रपत्र भरकर जन्‍म होने के 21 दिन के भीतर संबंधित स्‍थानीय प्राधिकारी के पास जन्‍म का पंजीकरण किया जाना है। संबंधित अस्‍पताल के वास्‍तविक रिकार्ड का सत्‍यापन करने के बाद जन्‍म प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।यदि इसके होने के निर्धारित समय के भीतर जन्‍म पंजीकृत नहीं किया गया है तो राजस्‍व प्राधिकारी द्वारा दिए गए आदेश से पुलिस द्वारा विधिवत सत्‍यापन करने के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।



मृत्‍यु प्रमाण पत्र प्राप्‍त करना

मृत्‍यु प्रमाण पत्र क्‍या है इसकी आवश्‍यकता क्‍यों होती है?

मृत्‍यु प्रमाण पत्र एक दस्‍तावेज होता है जिसे मृत व्‍यक्ति के निकटतम रिश्‍तेदारों को जारी किया जाता है, जिसमें मृत्‍यु का तारीक तथ्‍य और मृत्‍यु के कारण का विवरण होता है। मृत्‍यु का समय और तारीख का प्रमाण देने, व्‍यष्टि को सामाजिक, न्‍यायिक और सरकारी बाध्‍यताओं से मुक्‍त करने के लिए, मृत्‍यु के तथ्‍य को प्रमाणित करने के लिए सम्‍पत्ति संबंधी धरोहर के विवादों को निपटान करने के लिए और परिवार को बीमा एवं अन्‍य लाभ जमा करने के लिए प्राधिकृत करने के लिए मृत्‍यु का पंजीकरण करना अनिवार्य है।

कानूनी ढांचा

भारत में कानून के अधीन (जन्‍म और मृत्‍यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अनुसार) प्रत्‍येक मृत्‍यु का इसके होने के 21 दिनों के भीतर संबंधित राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में पंजीकरण करना अनिवार्य है। तदनुसार सरकार ने केन्‍द्र में महापंजीयक, भारत के पास और राज्‍यों में मुख्‍य पंजीयकों के पास गांवों में जिला पंजीयकों द्वारा चलाने जाने वाले और नगरों के पंजीयक परिसर में मृत्‍यु का पंजीकरण करने के लिए सुपारिभाषित प्रणाली की व्‍यवस्‍था की है।

आपको मृत्‍यु प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने के लिए क्‍या करने की आवश्‍यकता है

मृत्‍यु की रिपोर्ट या इसका पंजीकरण परिवार के मुख्‍या के द्वारा किया जा सकता है यदि यह घर पर होती है; यदि यह अस्‍पताल में होती है तो चिकित्‍सा प्रभारी द्वारा, यदि यह जेल में होती है तो जेल प्रभारी के द्वारा यदि शव लावरिश पड़ा हो तो ग्राम के मुख्‍या या स्‍थानीय स्‍थान प्रभारी द्वारा किया जाता है।मृत्‍यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए आपको पहले मृत्‍यु का पंजीकरण करना है। मृत्‍यु का पंजीकरण संबंधित प्राधिकारी के पास इसके होने के 21 दिनों के भीतर पंजीयक द्वारा निर्धारित प्रपत्र भर करके किया जाना है। तब उचित सत्‍यापन के बाद मृत्‍यु प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।यदि मृत्‍यु होने के 21 दिन के भीतर इसका पंजीकरण नहीं किया जाता है तो पंजीयक/क्षेत्र मजिस्‍ट्रेट से निर्धारित शुल्‍क के साथ यदि विलम्‍ब पंजीकरण है तो अनुमति अपेक्षित है।जिस आवेदन प्रपत्र में आपको आवेदन करने की आवश्‍यकता है वह साधारणत: क्षेत्र के स्‍थानीय निकाय प्राधिकारिणों या पंजीयक के पास उपलब्‍ध होता है जो मृत्‍यु के रजिस्‍टर का रखरखाव करता है। आपको मृत व्‍यक्ति के जन्‍म का प्रमाण एक वचनपत्र जिसमें मृत्‍यु का समय और तारीख विनिर्दिष्‍ट हो, राशन कार्ड की एक प्रति और न्‍यायालयीन स्‍टैम्‍प के रूप में अपेक्षित शुल्‍क भी जमा करने की आवश्‍यकता हो सकती है।

VOTER CARD



Introduction

The Election Commission of India has made voter identification mandatory at the time of poll. The electors have to identify themselves with either Electors Photo Identity Card (EPIC) issued by the Commission. However, since cards have not been issued to all citizens, a citizen may carry another proof of identity if his/her name is on the electoral list.

Eligibility

    • An Indian citizen
    • At least 18 years old as of 1st Jan of the year for which electoral roll is prepared
    • Resident of your current address for a minimum of six months

Instructions

Voters can just simply visit their nearest polling center or CSC center and verify about their application.

Procedure

Apply for Electors Photo Identity Card
  1. Go to your polling centers or CSC and check your names in the electoral rol
  2. Fill out the ‘Form 6’. Form 6 is used for filing new voter card altogether.
  3. You can check the status of the updated voter list by sending an test message. Just type in EPICID <10 digit voter ID number>, send to 9869889966.

Required Documents

Documents needed for approval must be hard copies that must be submitted at your voters’ facilitation centre
  • Copy of address and identity proof
  • A Passport size colour Photo
  • Completed Form 6
  • AGE PROOF- BIRTH CERTIFICATE/10TH MARKSHEET.
  • IDENTITY PROOF- PAN CARD/AADHAR/PASSPORT/LICENCE/GOVT.ID (with photo mentioned on it).
  • ADDRESS PROOF- AADHAR/PASSPORT/LIGHT BILL/WATER BILL/GAS BILL/RATION CARD/LICENCE (you can use a proof with your fathers name and address mentioned.)

For  APPLICATION YOU NEED:
  • AGE PROOF- BIRTH CERTIFICATE/10TH MARKSHEET.
  • IDENTITY and ADDRESS PROOF- AADHAR/PASSPORT/LICENCE/GOVT.ID (with photo and address mentioned on it)
  • PHOTOGRAPH

Fees

Not available

Notes

  • Mere posession of an EPIC does not entitle a person to vote. His/Her name should be registered in the electoral rolls
  • Persons who are of unsound mind and have been declared so by a competent court or disqualified due to ‘Corrupt Practices’ or offences relating to elections are not entitled to be registered in the electoral rolls.

Popular Posts