भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज़ आवेदन के प्रकार (नया पासपोर्ट, री-इश्यू, नाबालिग या डिप्लोमैटिक पासपोर्ट) के अनुसार अलग-अलग होते हैं।
1. नया (Fresh) पासपोर्ट
मुख्य रूप से दो प्रकार के दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं:
- पते का प्रमाण (Address Proof): आधार कार्ड, बिजली/पानी का बिल, बैंक पासबुक, वोटर आईडी, गैस कनेक्शन, मोबाइल/लैंडलाइन बिल, किरायानामा, आयकर आदेश आदि।
- जन्मतिथि का प्रमाण (Date of Birth Proof): जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट/स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि।
2. नाबालिग (Minor) के लिए पासपोर्ट
- जन्मतिथि का प्रमाण।
- माता-पिता के नाम पर वर्तमान पते का प्रमाण।
- यदि माता-पिता के पास पासपोर्ट है, तो उसकी मूल प्रति एवं स्वयं प्रमाणित (Self-attested) कॉपी।
3. पासपोर्ट का री-इश्यू (Re-Issue/Renewal)
सभी मामलों में सामान्यतः आवश्यक:
- पुराना मूल पासपोर्ट।
- पहले 2 और अंतिम 2 पृष्ठों की स्वयं प्रमाणित कॉपी।
- ECR/Non-ECR पृष्ठ, ऑब्जर्वेशन पेज एवं वैधता विस्तार (यदि हो) की कॉपी।
- आवश्यक होने पर NOC या Prior Intimation Letter।
यदि री-इश्यू का कारण विशेष हो, जैसे:
- पासपोर्ट खो जाना या चोरी होना।
- पासपोर्ट क्षतिग्रस्त होना।
- नाम, पता, जन्मतिथि, जन्मस्थान, लिंग, हस्ताक्षर या माता-पिता के नाम में परिवर्तन।
- ECR हटाना।
- पासपोर्ट की वैधता समाप्त होना या पृष्ठ समाप्त होना।
तो संबंधित कारण के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज़ जैसे पुलिस रिपोर्ट, शपथपत्र (Affidavit), नया पता प्रमाण, जन्म प्रमाण, विवाह/तलाक/मृत्यु प्रमाण पत्र, कोर्ट आदेश आदि भी जमा करने पड़ सकते हैं।
4. नाबालिग का री-इश्यू
- सभी सामान्य दस्तावेज़।
- जन्मतिथि एवं पते का प्रमाण।
- माता-पिता के पासपोर्ट की प्रति।
- नवीन फोटो।
- आवेदन में दी गई जानकारी की घोषणा (Declaration)।
5. डिप्लोमैटिक/ऑफिशियल पासपोर्ट
आवेदक को निम्न दस्तावेज़ देने होते हैं:
- ऑनलाइन आवेदन की प्रिंट कॉपी।
- सरकारी पहचान पत्र।
- Head of Office का प्रमाण पत्र।
- Forwarding Officer का अनुरोध पत्र।
- PMO/Political Clearance (यदि लागू हो)।
- अन्य आवश्यक सरकारी दस्तावेज़।
निष्कर्ष
पासपोर्ट आवेदन के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पहचान, पता और जन्मतिथि का प्रमाण हैं। यदि पासपोर्ट में किसी प्रकार का बदलाव, नवीनीकरण या पुनः जारी (Re-Issue) कराया जा रहा है, तो उसके कारण के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज़ भी जमा करने होते हैं। आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेज़ों की स्वयं प्रमाणित (Self-attested) प्रतियां तैयार रखना प्रक्रिया को आसान बनाता है।
